गुरुवार, 15 जुलाई 2010

ईमेल में शेषनाग

आज एक मित्र से फोन पर गपशप करते हुये उसने जिक्र किया कि उसके पास एक ईमेल आया है जिसमें एक पाँच मुँह वाले साँप के फोटो हैं. उसने वह ईमेल मुझे भी भेजा. जरा देखें:







ईमेल में कुछ यह लिखा था: VERY RARE TO SEE, ONLY SEEN IN BHAGWAT EARLIER, WHEN BASUDEVJI TOOK SRIKRISHNA TO NANDGAON. Forward this to 5 people to receive good news


आँखों पर विश्वास नहीं होता न?

आइये जरा ध्यान से देखते हैं.

सबसे पहली तस्वीर में देखिये कि साँप के सिर तो पाँच हैं, लेकिन परछाई सिर्फ एक ही सिर की क्यों आ रही है? फोटो संपादित करने वाले ने सिर की तो पाँच प्रतियाँ बना दीं, लेकिन परछाइयों की तरफ उसका ध्यान नहीं गया.




फिर दूसरे चित्र में देखिये कि साँप के पाँचों सिर एक दूसरे से हूबहू मेल खाते हैं. यहाँ तक कि उसके गले की धारियों की परछाई भी बिलकुल एक ही तरह की हैं:



एक चालाकी: ऊपर के चित्र में बनाने वाले ने सबसे दाईं ओर के सिर को दूसरी ओर घुमा दिया है, जिससे यह लगे कि साँप वाकई में असली है, लेकिन गरदन की धारियों की परछाई फिर भी बिलकुल एक समान है.

और अब आखिरी चित्र को देखते हैं.



देखिये कि साँप के फन का किनारा कैसे टूटा हुआ दिखायी दे रहा है. फोटो को संपादित करते हुये ऐसी त्रुटियाँ होना आम बात है, और इन्हें दूर करने के लिये घंटों लगाने पडते हैं. इस तस्वीर को बनाने वाले के पास शायद इतना समय नहीं था.

इन तस्वीरों में और भी ढेरों गलतियाँ हैं जिनका जिक्र करने लगे तो दो-तीन घंटे बीत जायेंगे.

यह पंचशिरोमणि शेषनाग सरासर नकली है.

किसी भी बात को कहने-सुनने-देखने भर से सच न मानें. अपने बुद्धि-विवेक का प्रयोग जरूर करें.

5 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

फोटोशाप का कमाल है!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अच्छी जानकारी...

Neetesh ने कहा…

नीचे दिए लिंक को देखें!

http://www.hoax-slayer.com/five-headed-cobra-hoax.shtml

निर्मला कपिला ने कहा…

काम धाम कुछ है नही बस ऐसे काम करते रहते हैं निठ्ठल्ले लोग। आभार।

निर्मला कपिला ने कहा…

अई थी आपको जन्म दिन की बधाई देने पर साँप देख कर ही भाग गयी। हा हा हा ।
आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें।