शुक्रवार, 25 जुलाई 2008

कब रुकेगा ये तांडव?





कब रुकेगा यह तांडव? कौन रोकेगा? कैसे होगा? क्या करें?

12 टिप्‍पणियां:

seema gupta ने कहा…

"bhut accha sandesh"

Anil ने कहा…

सीमा जी ये संदेश नहीं है, ये कार्यवाही के लिये एक आवाज़ है। यदि इसे सुनकर कोई भी भारत के उत्थान के लिये जी-जान लगाकर प्रयास करे तो मैं अपने-आप को सफल समझूंगा।

आलोक कुमार ने कहा…

Ab tak maine blogging-jagat men jitni bhi posting padhii hai...unmen ye sarvshreshth hai. Anupam sangrah, jo Desh kee peeda ko chitrit karte hue unke putron ko kaaryawaahi ke liye aawaaz de rahi hai. ye har padhnewaalon par chhaap chhodegii. aap is aawaaz ko yuva-sammelanon men bhi le ja sakte hain.

Anil ने कहा…

धन्यवाद आलोक जी। आपने मेरा हौसला बढ़ाया है, मैं आपका शुक्रगुज़ार हूं। भारत में बढ़ते अन्याय के प्रति आवाज़ उठाना मेरा कर्तव्य है। हालांकि मैं अभी भारत से बाहर हूं, लेकिन ५ साल बाद मैं वापस लौटूंगा। बहुत सारे प्लान हैं दिल में देश को आगे बढ़ाने के लिये, देखते हैं कितने साकार कर पाता हूं।

हिन्दुस्तानी ने कहा…

आपने बहुत अच्छा काम किया है, मैं इस काम के लिए आपको मुबारकबाद देता हूँ, हमारे देश को ऐसे लोगो की ज़रूरत है जिनका ज़मीर जिंदा है और जो अपने देश के लिए कुछ करना चाहते है, बहुत अच्छा काम कर रहे है करते रहिये और अपने तेवर में कमी न करे और हमेशा सच बोले...

राज भाटिय़ा ने कहा…

वाह क्या बात हे हम सभी को माना चाहिये यह संदेश,अनिल जी आप का बहुत बहुत धन्यवाद

राज भाटिय़ा ने कहा…

अनिल भाई इसे देख कर तो शेतान को भी शर्म आनी चाहिये, इसे बार बार दिखाओ,

Zookeeper ने कहा…

Some educated people in India have designed an excuse to pacify / relax their ego by the following ...

" Even though we Indians are not good in Games... though our performance in Olympics is bad but.... we are good in studies ! we are good in Software etc ..!!"

Go to google news ( news.google.com ) and give the search strings IBO India or IChO India etc and you will know the truth regarding performance.

India hosted Biology Olympics this year but hardly any news paper covered the event. In Times of India or Economic Times I routinely see space fillers with Astronomy news such as Black holes, galaxy etc ( meaningless Impractical Information ). But nothing on Study Olympics is covered.

So as per expected result India came 31 st in Maths Olympiad this year. Dropped from many previous single digit performaces to this level.

In Asian Olympiad China got Gold medals for every participant while India did not get any medals at all.

It needs courage to say that " The King has no clothes ". Well now know that " we " Indians ( including me ) are NOT good at studies as well. We are good at nothing. We IDIOTS.

Zookeeper

mahashakti ने कहा…

आपका ब्‍लाग काफी अच्‍छा लगा, जो प्रस्‍तुति आपने की वह वाकई दिल को बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करने वाली थी।

ab inconvenienti ने कहा…

आपका अपनी बात समझाने का तरीका काफी अच्छा लगा, और आख़िर में आपने नई पीढी द्वारा राह दिखने की बात कही है. हमने पिछले साठ सालों में कई पीढियां खो दी. नई पीढी को मार्गदर्शन पुरानी पीढी ही देती है, पर आज बड़े ही डूब रहे हैं तो बच्चों को तैरना कौन सिखएगा?

यह पोस्ट पढिये

और यही देश के अधिकतर युवाओं की कहानी है, इन हालातों के लिए जवाब किससे मांगे हर एक के हाथ खून से रंगे हैं.

Anil ने कहा…

ab inconvenienti जी, जब सब स्थितियां विपरीत रहती हैं, तब ही कर्मयोगी और मौकापरस्त के बीच की रेखा दिखाई देती है। खनिज को सोना बनने से पहले पिघलना पड़ता है - हम भी पिघल रहे हैं अब। बस इसी बात का ध्यान रखा जाये कि पिघलने के बाद जब ठंडे हों तो सोना ही बनें, राख नहीं। आजकल के हालात में जो आपको ठीक लगता हो, वही करें, फिर चाहे राजनेता आपके खिलाफ़ हों या गुंडे। अन्याय का सामना करें, जल्द ही और भी समान-विचारों वाले मिल जायेंगे।

swanprincess ने कहा…

कुछ दिल देहला देने वाली तस्वीरों ने सच में दिल देहला दिया. कभी कभी हम अपनी आराम परस्त जिंदगी में भूल जाते हैं की कुछ लोगों की किस्मत हमारे आपके जितनी अच्छी नही होती. समस्यायें बहुत हैं अब उनके समाधान पर ध्यान देने की ज़रूरत है.