रविवार, 5 अप्रैल 2009

माइक्रोसौफ्ट विंडोज़ बिहारी संस्करण

यदि माइक्रोसौफ्ट अपने विंडोज़ का बिहारी संस्करण निकालता तो कैसा होता? आइये देखते हैं!









(चित्र साभार: गोपाल)

7 टिप्‍पणियां:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

आप ने माइक्रोसोफ्ट को नया आइडिया दे दिया है।

mark rai ने कहा…

dekhiye aapke idea ko churane wale bahut log hai ...kuchh kijiye

Anil ने कहा…

अरे मार्क जी मैं तो चाहता हूं कि कोई मेरे आइडिये चुराये! वर्ना हूं ही हंसी का बर्तन (पात्र) बनकर रह जायेंगे बेचारे!

राजेंद्र मालवीय ने कहा…

tippani me hindi ka upyog kaise karna hai...? pahle to ye batayen phir apni rai dungaa.

Anil ने कहा…

मालवीय जी, कृपया इस लिंक पर टाइप करके टिप्पणी में चिपका दें. हिंदी में लिखने के लिए जल्द ही सबकी एक क्लास लूँगा!

राजेंद्र मालवीय ने कहा…

धन्यवाद अनिलजी,
आप का ब्लॉग ताजगी लिए हुए है.नई पोस्ट का इन्तजार रहता है.साथ ही बहुत कुछ सीखने को भी मिल रहा है.
मुलाकातें होती रहेगी....नमस्ते...!

Anil ने कहा…

अरे वाह मालवीय जी, आप तो बहुत जल्दी ही सीख गये! हिंदी लिखी तो लिखी, वह भी इतनी अच्छी! एक भी गलती नहीं है! आपकी सीखने की प्रतिभा अर्जुन समान है! साधुवाद!