शुक्रवार, 17 अप्रैल 2009

अपने चिट्ठे के पाठकों से सीधे कैसे बात करें?


(नयी जानकारी: मेरे चिट्ठे पर कुछ दिन चलने के बाद गूगल बाबा की यह चैट अपने आप काम करना बंद कर गयी। इस समस्या को सुलझा रहा हूँ, निपटने पर यह सूचना हटा दी जायेगी)

गूगल बाबा ने आपको मुफ्त गूगल चैट दी है। अब इसी चैट को आप अपने चिट्ठे पर लगा सकते हैं। इससे आपके पाठक सीधे ही आपसे बात कर सकेंगे। इस चिट्ठे पर दायीं ओर देखें, लिखा है "मैं कहाँ हूँ"। यदि आप उसपर चटकायेंगे तो आप सीधे ही मुझसे गूगल चैट पर संपर्क कर सकते हैं। जब से मैंने यह बक्सा अपने इस चिट्ठे पर लगाया है, रोजाना कोई न कोई बात कर ही लेता है।

इसे लगाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। बस इस पन्ने पर जायें: http://www.google.com/talk/service/badge/New और वहाँ दिया कोड कॉपी कर लें। फिर www.blogger.com पर जाकर अपने ब्लाग के layout पर क्लिक करें। वहाँ "add a gadget" पर चटका लगाकर HTML/JavaScript के आगे बना नीला जमा का निशान चटकायें। आगे खुलने वाले बक्से में वह कॉपी किया हुआ कोड पेस्ट करके "save" कर लें।

अब आपके सभी पाठक आपके चिट्ठे पर जाकर आपसे बतिया सकते हैं! फुरसत के क्षणों में अपने पाठकों से जुड़ने का यह तरीका मुझे नायाब लगा! आपको कैसा लगा?

14 टिप्‍पणियां:

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

अच्छा लगा .

prabhat gopal ने कहा…

wah!!

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

अच्छी जानकारी, धन्यवाद !

mahashakti ने कहा…

अच्छी जानकारी

मिस. रामप्यारी ने कहा…

मैं भी लगाने की कोशिश करती हूं अंकल.

RAJNISH PARIHAR ने कहा…

upyogi tip hai...

दीपक भारतदीप ने कहा…

आपकी यह जानकारी अच्छी लगी।
दीपक भारतदीप

आलोक सिंह ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी !!

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

अच्छा लगा यह तरीका । धन्यवाद ।

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

भाई बहुत बढ़िया जानकारी दी है. धन्यवाद.
लेकिन एक दिक्क़त है कि हम लोग कई बार लॉग करने बाद दूसरे काम में लग जाते हैं और कंप्यूटर को लगभग भूल ही जाते हैं. ऐसे में, मेरा ब्लॉग दिखायेगा कि में ऑन-लाइन हूँ लेकिन दूसरे ब्लॉगर को लगेगा कि में शायद जानबूझकर उसके चैट-सेशन में शामिल नहीं हो रहा हूँ.

Anil ने कहा…

काजल कुमार जी, जहाँ तक संभव हो सके, इधर-उधर होने से पहले अपने चैट स्टेटस को बदलकर "व्यस्त" कर दें। यदि फिर भी आप कंप्यूटर को ऐसे ही छोड़ देते हैं तो आपका "स्टेटस" अपने आप "आइडल" हो जाता है। इसके साथ-साथ हरी बत्ती बदलकर नारंगी हो जाती है, देखने वाले को पता रहता है कि बंदा "कहीं और" है।

jamos jhalla ने कहा…

anil jee aapne google baabaa ke nai vardaan ko is baalak ki dishaa main preshit kiyaa dhanyavaad .iska laabh uthaane kaa soubhagya prapt karne kaa prayaas karoongaa .jhalle ki gallan par avtaar lene ke liye bhee dhanyaavaad.

Suresh Chiplunkar ने कहा…

लेकिन ये जु्गाड़ तो सिर्फ़ जीमेल उपयोग करने वाले पाठकों पर ही काम करेगा ना? यदि कोई पाठक याहू आदि वाला है तो उसे लाल-हरी बत्ती कैसे दिखेगी?

Science Bloggers Association ने कहा…

बहुत बढिया जानकारी ही है, आभार।

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