सोमवार, 29 सितंबर 2008

सफाई में ही भगवान का निवास है



महात्मा गाँधी ने बहुत सी छोटी-मोटी बातें कही थी जिनके मतलब इतने बड़े हैं कि नज़रंदाज़ नहीं किए जा सकते। उनके साबरमती आश्रम में एक दिन कुछ पत्रकार पहुंचे। वहाँ उन्होनें इतनी सफाई देखी कि उनसे पूछे बिना रहा न गया। प्रश्न था, "गांधीजी आपके आश्रम में सारे हरिजन हैं, लेकिन फिर भी इतनी सफाई? आख़िर कैसे?"

गांधीजी ने जवाब दिया "सफाई में ही भगवान का निवास है। इसलिए अपनी सफाई ख़ुद करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।"

इस घटना के साठ साल बाद भी भारत की सड़कों और गलियों में कूड़ा बिखरा रहता है। लोग कूड़े को कूड़ेदान में नहीं, बल्कि उसके बाहर फ़ेंक कर आते हैं। चने खाने के बाद कागज़ सड़क पर फेंक देना, जूस पीने के बाद प्लास्टिक का ग्लास दूकान के बाहर फेंकना, इत्यादि तो जैसे आम बात हो गई है। फिर पान और गुटका खाने वालों के क्या कहने - रंगीन चित्रकारी से सारे कोने और दीवारें शोभायमान हो जाते हैं। होली और दीवाली जैसे त्योहारों के बहाने हमने सदभाव कम और कूड़ा फैलाना ज़्यादा सीखा है।

इसी नीयत के चलते अब दूसरे देशों ने भी भारत में कूड़ा फैलाना शुरू कर दिया है। अपने देशों का प्रदूषण पानी के जहाजों में भरकर उन्हें भारत के तटों पर छोड़ दिया जाता है, और हमारे हुक्मरानों के कानों पर जूँ तक नहीं रेंगती।

मैं कुछ ऐसे लोगों को जानता हूँ, जो जब तक भारत में रहे, समूचे हिंदुस्तान को कूड़ाघर समझा। अब वे विदेश में आ गए हैं। और इतनी सफाई रखते हैं की पूछिए नहीं।

हमें ज़रूरत है की भारत को कूड़ेदान न समझें, बल्कि अपना घर समझकर हर जगह सफाई रखें।

सिर्फ़ २ मिनट ही तो लगते हैं, नहीं?

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4 टिप्‍पणियां:

दिनेशराय द्विवेदी ने कहा…

ये तो पक्का है कि ये चित्र मेरे शहर कोटा का है। जरा ये भी बता दें कौन से मुहल्ले का है। समझ नहीं आ रहा है। सब तरफ यही हाल है।

Udan Tashtari ने कहा…

बिल्कुल जी, हर तरफ यही हाल है!

seema gupta ने कहा…

bhut shee vishey pr dhyan aakershit kiya hai aapne, jhan dekho yhee haal hai, "

Regards

shruti ने कहा…

aap bilkul theek keh rahe hain. aur jo log videsh ja kar safai rakhte hai , vo laut kar phir se gandagi phailate hai. aise log bhi hai yaha jo sadak par kuda phink kar kehte hai ki hum tax bharte hai, sarkar ko safai ka kaam karne do. agar padhe likhe log aisa karenge to anpado se kya umeeed rakhein.